रोजमेरी एक जड़ी बूटी है। रोजमेरी को दोना भी कहा जाता है। रोजमेरी के पत्तों से तेल निकाला जाता है जो कि दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है। रोजमेरी मसालेदार भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए भी उपयोग की जाती है। रोजमेरी के गुण इसे हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बनाते है। रोजमेरी में एंटीआक्सिडेंट और बहुत से पोषक तत्वों का संग्रह होता है। रोजमेरी पाचन समस्याओं को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। दिल की धड़कन, पेट की गैस, लीवर और पित्ताशय की परेशानियां, ब्लडप्रेशर, गठिया आदि के उपचार में भी रोजमेरी लाभकारी होती है। रोजमेरी का उपयोग महिलाओं के मासिक धर्म प्रवाह और गर्भपात की स्थिति में भी किया जाता है।
एंटीऑक्सिडेंट और प्रतिरोध गुणों से भरपूर होने के कारण रोजमेरी हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूती और रक्त परिसंचरण व्यवस्था को भी बढ़ावा देती है। इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण हानिकारक बैक्टीरिया को बेअसर कर हमारे शरीर की रक्षा करते है।
खून में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में रोजमेरी का उपयोग उत्तेजक के रूप में किया जाता है। इसका सेवन करने से यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और खून के प्रवाह को बढ़ाने में मदद करता है। जिससे शरीर के सभी अंगों में आक्सीजन की उपलब्धता बनी रहती है। यदि आपके शरीर में खून की कमी है तो रोजमेरी का सेवन करें यह आपके शरीर के खून में वृद्धि कर सकता है।
भूलने और कम याददाश्त जैसी समस्याओं को दूर करने में रोजमेरी का उपयोग किया जाता है। एक शोध के अनुसार रोजमेरी तेल की गंध व्यक्ति की ध्यानाकर्षण, स्पीड़, हावभाव और निश्चित्ता में सुधार कर सकती है। इसका उपयोग करने से आपकी मनोदशा में भी अनुकूल प्रभाव पड़ता है। यदि आपमें या आप के बच्चों में इस तरह की समस्या हो तो रोजमेरी का उपयोग करने से फायदा हो सकता है।
मानसिक तनाव को कम करने के लिए आप रोजमेरी का उपयोग कर सकते है। रोजमेरी के तेल की सुगंध आपकी मानसिक स्थिति में सुधार लाने के साथ-साथ आपके मन को शांति का अनुभव भी कराती है। इसका असर उन लोगों पर ज्यादा होता है जो पुरानी चिंता और अवसाद से ग्रसित होते है। यह हमारे शरीर में कोर्टिसोल जो कि तनाव बढ़ाने वाला हार्मोन होता है उसके स्तर को कम करने में मदद करता है।
रोजमेरी बड़ी मात्रा उपयोग की जाने वाली जड़ी बूटी है जो मेमोरी पावर बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी होती है। रोजमेरी पौधे से तेल निकाला जाता है जो कि याददाश्त को बढ़ाने के लिए उपयोगी होता है। रोजमेरी में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते है, जो कवक, बैक्टीरिया, और कैंसर को रोकने में मदद करते है।
रोजमेरी पाउडर, चाय, अर्क, तेल के रूप में उपयोग की जा सकती है। आइए जाने रोजमेरी के फायदे और स्वास्थ्य लाभ जो इसे हमारे लिए उपयोगी बनाते है।

रोजमेरी के तेल में उपस्थित एंटीऑक्सिडेंट त्वचा के स्वास्थ्य और सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देता है। रोजमेरी तेल में एंटी-एजिंग प्रभाव होता है जो त्वचा को प्राकृतिक चमक बढ़ाने में सहायक होता है। रोजमेरी का सेवन करने से इसमें उपस्थित साइट्रस सूर्य विकिरण से होने वाले नुकसानों से त्वचा की रक्षा करता है।

अपच के इलाज में रोजमेरी का उपयोग किया जाता है। जर्मनी के एक शोध ने अपच के इलाज के लिए रोजमेरी की पुष्टि की है। यह भी ध्यान रखना चाहिए कि वर्तमान में इसे किसी भी प्रकार के चिकित्सकीय प्रमाणन प्राप्त नहीं है। फिर भी लोगों के अनुभव बताते है कि रोजमेरी का उपयोग कर अपच की समस्या को दूर किया जा सकता है। इन मान्यताओं के अनुसार अपच से बचने के लिए आप रोजमेरी का उपयोग कर सकते है।
जीवाणु संक्रमण को रोकने में रोजमेरी प्रभावशील है, यह पेट में होने वाले एच. पिलोरी बैक्टीरिया के विकास को रोकता है। एच. पिलोरी बैक्टीरिया खतरनाक होता है जो पेट के अल्सर का जन्मदाता माना जाता है। रोजमेरी का सेवन करने से इस प्रकार के बैक्टीरिया को बढ़ने से रोका जा सकता है जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते है। अगर आप ऐसी परेशानियों से बचना चाहते है तो रोजमेरी का उपयोग कर सकते है।

यदि आप बालों के गिरने से परेशान है तो आप रोजमेरी के तेल का उपयोग कर आप अपने बालों के विकास को बढ़ावा दे सकते है। रोजमेरी का तेल लगाने से आपके बालों के गिरने की दर को कम किया जा सकता है, रोजमेरी बालों को प्राकृतिक रूप से काला बना सकता है। यह आपके बालों से डेंड्रफ को हटाने में प्रभावी होता है। अध्ययनों द्वारा पता चलता है कि रोजमेरी बालों के विकास को बढ़ावा देकर एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया या स्थायी गंजापन को दूर करने में मदद करती है।
इसका उपयोग कर बीटा-एमाइलॉइड प्लेक को रोका जा सकता है। यह एसिटिचोलिनेंस्टेस के प्रभाव को कम करता है जो अल्जाइमर (भूलने की बीमारी), एटैक्सिया और डिमेंशिया जैसी बीमारियों के प्राथमिक कारण होते है। अल्जाइमर रोग से बचने के लिए रोजमेरी फायदेमंद है।

खांसी और अन्य श्र्वशन संबंधी परेशानियों को दूर करने के लिए आप रोजमेरी का उपयोग कर सकते है। रोजमेरी की पत्तियां श्र्वशन प्रणाली से कफ और श्लेष्म को दूर करती हैं, जिससे खांसी फ्लू और अस्थमा जैसे रोगों को रोकन में मदद मिलती है। रोजमेरी का उपयोग फेफड़ों में किसी भी प्रकार के हानिकारक तत्वों को एकत्रित होने से रोकता है।
रोजमेरी के नुकसान :
रोजमेरी का कम मात्रा में सेवन करने से किसी भी प्रकार के नुकसान नहीं होते है। यदि इसका ज्यादा मात्रा में सेवन किया जाए तो इससे कुछ नुकसान हो सकते है, लेकिन इनके होने की संभावना बहुत कम होती है।
- उल्टी
- त्वचा की जलन
- बाल रहित (गंजा) सिर में खुजली
- मधुमेह में शर्करा की मात्रा बढ़ना
- मिर्गी रोग को बढ़ावा देना
- मांसपेशियों की ऐंठन
- बेहोशी
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